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26 सितंबर 2026
5 दिनों की बंदी से राहत देने के लिए रविवार को खुले रहेंगे व्यावसायिक बैंक, लोगों को भेजी जा रही सूचना

5 दिनों की बंदी से राहत देने के लिए रविवार को खुले रहेंगे व्यावसायिक बैंक, लोगों को भेजी जा रही सूचना

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा आहूत तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल और उसके पूर्व पड़ने वाले सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिनों तक प्रभावित होने की संभावना है। खाताधारकों को इस लंबी बंदी के कारण होने वाली भारी असुविधा से बचाने के लिए बैंक प्रबंधनों ने एक बड़ा फैसला लिया है। हड़ताल के मद्देनजर इस रविवार यानी 27 सितंबर को सभी व्यावसायिक बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे। इसको लेकर बैंकों की ओर से खाताधारकों को मोबाइल पर लगातार सूचना भेजी जा रही है।बैंक प्रबंधन एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए सभी खाताधारकों को अलर्ट भेज रहे हैं। सूचना के माध्यम से ग्राहकों को रविवार को बैंक खुलने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही बैंक प्रबंधनों ने अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए ग्राहक अपनी सभी जरूरी बैंकिंग आवश्यकताएं कार्यशील रविवार को ही पूरी कर लें। आपात स्थिति के लिए एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं (युपीआई, नेट बैंकिंग) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।एलडीएम राजेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि लगातार बैंक बंदी से राहत देने के लिए आरबीआई के निर्देश पर रविवार को बैंक खोले जा रहे हैं। वहीं एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के शैलेश जायसवाल व बिहार ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के वरीय प्रबंधक नवनीत पांडेय ने बताया कि हड़ताल के कारण सोमवार,मंगलवार व बुधवार को बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। बैंक यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिनों की हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल सोमवार से शुरू हो रहा है। उसके पूर्व चौथे शनिवार व रविवार को नियमित अवकाश है। इस प्रकार बैंकों की बंदी लगातार पांच दिन हो रही थी। पांच दिन लगातार बैंक बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। लेकिन रविवार को बैंकिंग सेवा बहाल कर इस परेशानी को थोड़ा कम करने की पहल जरूर की गई है,बावजूद लगातार तीन दिनों तक बैंकों में कामकाज ठप रहने का संकट खड़ा हो गया है। लगातार पांच दिनों तक बैंक बंद रहने से आम जनता, व्यापारियों और औद्योगिक संस्थानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य जरूरी बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती थीं। इसी समस्या की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधनों ने फैसला किया है कि हड़ताल से पहले वाले रविवार को बैंकों को खुला रखा जाएगा,ताकि लोग अपने वित्तीय लेन, देन समय पर निपटा सकें।

द
दैनिक भास्कर
26 सितंबर 2026
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लेख सारांश

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा आहूत तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल और उसके पूर्व पड़ने वाले सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिनों तक प्रभावित होने की संभावना है। खाताधारकों को इस लंबी बंदी के कारण होने वाली भारी असुविधा से बचाने के लिए बैंक प्रबंधनों ने एक बड़ा फैसला लिया है। हड़ताल के मद्देनजर इस रविवार यानी 27 सितंबर को सभी व्यावसायिक बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे। इसको लेकर बैंकों की ओर से खाताधारकों को मोबाइल पर लगातार सूचना भेजी जा रही है।बैंक प्रबंधन एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए सभी खाताधारकों को अलर्ट भेज रहे हैं। सूचना के माध्यम से ग्राहकों को रविवार को बैंक खुलने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही बैंक प्रबंधनों ने अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए ग्राहक अपनी सभी जरूरी बैंकिंग आवश्यकताएं कार्यशील रविवार को ही पूरी कर लें। आपात स्थिति के लिए एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं (युपीआई, नेट बैंकिंग) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।एलडीएम राजेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि लगातार बैंक बंदी से राहत देने के लिए आरबीआई के निर्देश पर रविवार को बैंक खोले जा रहे हैं। वहीं एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के शैलेश जायसवाल व बिहार ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के वरीय प्रबंधक नवनीत पांडेय ने बताया कि हड़ताल के कारण सोमवार,मंगलवार व बुधवार को बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। बैंक यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिनों की हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल सोमवार से शुरू हो रहा है। उसके पूर्व चौथे शनिवार व रविवार को नियमित अवकाश है। इस प्रकार बैंकों की बंदी लगातार पांच दिन हो रही थी। पांच दिन लगातार बैंक बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। लेकिन रविवार को बैंकिंग सेवा बहाल कर इस परेशानी को थोड़ा कम करने की पहल जरूर की गई है,बावजूद लगातार तीन दिनों तक बैंकों में कामकाज ठप रहने का संकट खड़ा हो गया है। लगातार पांच दिनों तक बैंक बंद रहने से आम जनता, व्यापारियों और औद्योगिक संस्थानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य जरूरी बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती थीं। इसी समस्या की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधनों ने फैसला किया है कि हड़ताल से पहले वाले रविवार को बैंकों को खुला रखा जाएगा,ताकि लोग अपने वित्तीय लेन, देन समय पर निपटा सकें।

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