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स्वास्थ्य
स्वास्थ्यAndhra: पलनाडु गांव में संदिग्ध रेबीज से एक बच्चे की मौत
विजयवाड़ा: 23 सितंबर की सुबह पाल्नाडु ज़िले के इपुर मंडल के बोग्गरम गाँव में, क्लिनिकल जांच के आधार पर शक है कि एक दो साल के बच्चे की मौत रेबीज़ से हुई है। पाल्नाडु ज़िले के स्वास्थ्य अधिकारियों के...

Weight Loss Tips: मेहनत से वजन घटा लिया? अब इन 4 आदतों से बनाए रखें अपना फिटनेस गोल
Weight Loss Tips: मेहनत करके अपना वजन घटाया है, और अब फिर से बढ़ने लगा है। तो कुछ आसान आदतों को रोज की जिंदगी का हिस्सा बनाकर दोबारा वजन बढ़ने की संभावना को कम किया जा सकता है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची पटरी; 95 KM प्रोजेक्ट का आखिरी 17.5 KM काम पूरा
छत्तीसगढ़ : दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दल्लीराजहरा, रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी, रावघाट खंड का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही इस रेल परियोजना का आखिरी हिस्सा तैयार हो गया …

फिटनेस के बावजूद हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा, इन 3 बातों को न करें नजरअंदाज

नदी के तेज बहाव में फंसी पांच दोस्तों की कार, TI ने जोखिम उठाकर सभी को बचाया
रायपुर। रायपुर और भिलाई के पांच मित्रों के लिए एक पर्यटक यात्रा उस समय गंभीर आपदा में बदल गई जब उनकी कार उफनती नदी के तेज बहाव में बह गई।...
वृद्धाश्रम से विनोद कांबली का Video वायरल, बोले, यहां मुझे बहुत प्यार मिल रहा, भावुक हुए फैंस, dainiktribuneonline.com
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का ठाणे के निदान सेंटर से नया वीडियो सामने आया है। कांबली ने सेंटर की सुविधाओं और देखभाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यहां घर जैसा महसूस होता है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
दल्लीराजहरा, रावघाट रेल परियोजना के अंतिम ताड़ोकी, रावघाट खंड का कार्य पूरा, मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि...

नदी के तेज बहाव में फंसी पांच दोस्तों की कार, TI ने जोखिम उठाकर सभी को बचाया
रायपुर। रायपुर और भिलाई के पांच मित्रों के लिए एक पर्यटक यात्रा उस समय गंभीर आपदा में बदल गई जब उनकी कार उफनती नदी के तेज बहाव में बह गई।...
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर केक काटा गया
शुक्रवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस के मौके पर सदर अस्पताल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ रामेन्द्र कुमार ने केक काटकर विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया। इस अवसर पर अस्पताल के वरीय फार्मासिस्ट मोहम्मद फारुख केशर सिद्दिकी ने सिविल सर्जन डॉ रामेन्द्र कुमार समेत उपाधीक्षक डा राजेश कुमार चौधरी, डॉ संजीव कुमार, डॉ अमोद कुमार, डॉ देवव्रत कुमार और अस्पताल प्रबंधक प्रणव कुमार को अंग वस्त्र एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ रामेन्द्र कुमार ने कहा कि भारत में फार्मेसी के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय महादेव लाल सर्राफ को आज का दिन समर्पित है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होते हैं। दवाओं की तैयारी, उनके प्रभाव, सही खुराक और सही वितरण में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस दौरान अस्पताल के अन्य चिकित्सक एवं कर्मियों ने भी फार्मासिस्टों को विश्व फार्मासिस्ट दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में फार्मासिस्ट मनोहर महतो, सानू कुमार, सावन कुमार, अभिषेक कुमार, चंदन कुमार, प्रणव कुमार समेत अन्य मौजूद थे।
भोपाल से सुगम परिवहन सेवा, पीएम ई, बस सेवा का शुभारंभ:गड़करी ने कहा, आरटीओ अफसर गांधीवादी, नोट दिखते हैं तो फटाफट ठप्पे मारते हैं
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (आरटीओ) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। गडकरी ने कहा कि बसों में सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने 1 सितंबर 2025 से नया बस बॉडी कोड लागू किया है। नए सेफ्टी रिजीम में वाहन पोर्टल पर डिजिटल चेकलिस्ट और फिजिकल इंस्पेक्शन के बिना बस का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। यहां बैठे आरटीओ ध्यान से सुन लें, मुझे मालूम है कि कुछ आरटीओ अफसर गांधीवादी हैं, गांधी के नोट दिखते हैं तो फटाफट ठप्पे मारते हैं। उन्हे कहना चाहता हूं कि याद रखना गलत बस को पास न करें, वरना अब उनकी नौकरी जाएगी। गडकरी ने सीएम मोहन यादव के साथ भेल दशहरा मैदान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई, बस सेवा का शुभारंभ कर उन्होंने यह बात कही। दोनों नेताओं ने 7 शहरों के लिए 351 से अधिक बसों (120 इंटरसिटी तथा 231 इंट्रासिटी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बसें मप्र यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) के तहत पीपीपी मॉडल पर संचालित होगी। हिदायत, गलत बस पास की तो नौकरी जाएगी एसी ई, बसों का किराया डीजल बसों से 30% कम हो, तभी बढ़ेगा हैप्पी इंडेक्स गडकरी ने कहा कि एसी ई, बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में 30% कम होना चाहिए, ताकि गरीब व मध्यम वर्ग सुलभ सफर कर सके। डोमेस्टिक हैप्पी ह्यूमन इंडेक्स की अवधारणा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों को सुरक्षित, किफायती और सुलभ परिवहन, शिक्षा व स्वास्थ्य मिलता है, तो देश का हैप्पी इंडेक्स बढ़ता है। प्रदूषण मुक्ति, किसान होंगे ऊर्जादाता देश में 40% वायु प्रदूषण परिवहन क्षेत्र के कारण होता है। भारत 22 लाख करोड़ का पेट्रोल, डीजल आयात करता है। ई, 20 (20% इथेनॉल) और 100% एथेनॉल फ्लेक्स इं जन के माध्यम से किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता बन रहा है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर चालित ट्रैक्टरों और हाइड्रोजन ईंधन को ग्रीन मोबिलिटी का भविष्य बताया। सीएम बोले, धार्मिक पर्यटन बढ़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। इससे उद्योग और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इन बसों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए एमपी, वायपीआईएल के एमडी मनीष सिंह और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के निर्देशक डॉ. के बीच एमओयू भी साइन किया गया। मप्र सरकार से कैब एग्रीगेटर गाइडलाइन अपनाने का अनुरोध... गडकरी ने मोटर व्हीकल कैब एग्रीगेटर गाइडलाइन्स का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश में 4 करोड़ युवाओं को स्वरोजगार मिला है। मप्र के परिवहन मंत्री से आग्रह है वे यहां भी इस गाइडलाइन्स को लागू करें। इससे राज्य में 40 से 50 लाख युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

बुखार पीड़ित मरीजों की मलेरिया जांच जरूरी
औरंगाबाद जिला में मलेरिया की जांच को बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं। मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग द्वारा सदर अस्पताल सहित सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को मलेरिया उन्मूलन संबंधित निर्देशों की जानकारी देते हुए मलेरिया की जांच बढ़ाने सबंधी कार्य सौंपा गया है। साल 2026 के जनवरी से अगस्त तक 16 हजार 475 बुखार से पीड़ित लोगों की मलेरिया जांच की गयी। इसमें नौ लोग मलेरिया से ग्रसित मिले। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2025 में बुखार के 28 हजार 699 रोगियों का मलेरिया टेस्ट किया गया। इसमें 11 लोग मलेरिया से पीड़ित पाये गये।
अवैध नर्सिंग होम पर छापेमारी, आईसीयू में भर्ती बच्चे को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया
प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, जांच घरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र योगापट्टी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अब्दुल गनी के नेतृत्व में टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास चल रहे हैप्पी न्यू बोर्न चाइल्ड केयर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आईसीयू में भर्ती एक बच्चे को बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। डॉ. अब्दुल गनी ने बताया कि योगापट्टी प्रखंड में चल रहे निजी नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, जांच घरों की लगातार जांच हो रही है। टीम स्थानीय पुलिस के साथ अलग, अलग जगह पहुंच रही है। संस्थानों की व्यवस्था देखी जा रही है। जरूरी कागजात जांचे जा रहे हैं। नियम के खिलाफ स्वास्थ्य सेवा मिली तो कार्रवाई होगी। छापेमारी के दौरान संस्थान में डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी देखी गई। इलाज की व्यवस्था भी जांची गई। आईसीयू में भर्ती बच्चे को सरकारी अस्पताल भेजा गया। डॉ. अब्दुल गनी ने लोगों से कहा कि किसी निजी नर्सिंग होम या जांच केंद्र में इलाज से पहले उसकी वैधता की जानकारी लें। वहां की सुविधाएं भी देखें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में जांच और इलाज की व्यवस्था है। डॉक्टर अगर किसी मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर करे तो उसे मेडिकल कॉलेज या संबंधित सरकारी अस्पताल ले जाएं।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर मनाया आंगन मिलन कार्यक्रम
धौलपुर | विकसित भारत जनसेवा अभियान के तहत जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'आंगन मिलन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम ग्राम पंचायत नरपुरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में जिला कलक्टर के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों व महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना रहा। जिला कलक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बच्चों व महिलाओं से संवाद कर पोषण व प्रारंभिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर जैसी डिजिटल व्यवस्था से निगरानी प्रभावी हुई है, जिसकी वैश्विक स्तर पर जी20, यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ ने भी सराहना की है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आंगनबाड़ी बहनों के नाम प्रेषित सराहना संदेश का वाचन कर उन्हें भेंट किया गया। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रेष्ठा श्री ने आंगनबाड़ी को बच्चों के भविष्य निर्माण की पहली पाठशाला बताते हुए कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना की। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सविता, सहायिका रेखा, आशा सहयोगिनी ममता और साथिन मीना का उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिका यशिका का अन्नप्राशन और रुबीना की गोद भराई की रस्म संपन्न कराई गई। साथ ही अतिथियों ने रंगोली, पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया और 'बाल वर्धन' पत्रिका का विमोचन किया। इस दौरान महिला मोर्चा जिला संयोजक कल्पना शर्मा, उपनिदेशक अमित चौधरी, सीडीपीओ भूपेश गर्ग, वेदांता प्रतिनिधि सहित अंकुर शर्मा, ममता जैन, ज्ञानेन्द्र व गायत्री उपस्थित रहे।
गंभीर मरीजों को रेफर करने में भी परेशानी, इमरजेंसी विभाग में मरीजों की लंबी भीड़ देखी गई
सदर अस्पताल सहित जिले के सभी अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, पीएचसी/ सीएचसी सहित सभी सरकारी अस्पतालों में दूसरे दिन भी ओपीडी सेवा पूरी तरह प्रभावित रहा। स्थिति यह रहा कि दूसरे दिन भी हजारों मरीज सरकारी अस्पतालों से बिना इलाज के निराश लौट गए। दूसरे दिन सदर अस्पताल के ओपीडी भवन में सिविल सर्जन सह भासा के जिलाध्यक्ष डॉ हरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सकों ने अपनी मांगों को रखा। इस मौके पर डॉ विनोद कुमार, भासा के जिला सचिव डॉ कुणाल कौशल, नेत्र सर्जन डॉ आकांक्षा कुमारी, मनोचिकित्सक डॉ श्रवण कुमार, गायनिक डॉ सुमन, सर्जन डॉ संजीत कुमार, डॉ नेहा, दंत चिकित्सक डॉ महारानी सहित दर्जनों चिकित्सक मौजूद थे। डॉ कुणाल कौशल ने कहा है जबतक हमारी मांगें नहीं मानी जाएगी तबतक ओपीडी बहिष्कार रहेगा। और जरूरत हुई तो इमर्जेंसी सेवा व पोस्टमार्टम कार्य भी बंद कर दिया जाएगा। मालूम हो कि भासा के अपील पर राज्य के अन्य जिलों की तरह ही मधुबनी में भी सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पतालों सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में अनिश्चितकालीन ओपीडी कार्य बहिष्कार का शुक्रवार को दूसरा दिन था। किसी भी मरीज का निबंधन तक नहीं किया गया। सिर्फ इमर्जेंसी वाले मरीजों का ही उपचार किया गया। जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने से हजारों मरीजों को निराश लौटना पड़ा। मालूम हो कि डीएमसीएच में भी चिकित्सकों का हड़ताल है। ऐसे में कुछ ऐसे गंभीर मरीज जिनको मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाना था वैसे मरीजों के परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसका फायदा कुछ बिचौलिए भी उठाए व गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल में ले गए। कुछ निजी एम्बुलेंस चालकों व आशा कार्यकर्ता इमर्जेंसी विभाग के आसपास मंडराते हुए देखे गए। वहीं ओपीडी बंद रहने से इमरजेंसी विभाग में मरीजों की लंबी भीड़ देखी गई। आईसीयू, एसएनसीयू, लेबर रूम, इमर्जेंसी विभाग व ब्लड बैंक खुला हुआ था। ओपीडी कार्य बहिष्कार का मुख्य प्रभाव नियमित बाह्य रोगी सेवाओं पर रहा। गंभीर एवं आपात स्थिति वाले मरीजों के लिए आपातकालीन सेवाएं अलग व्यवस्था के तहत संचालित होती हैं। हालांकि, ओपीडी सेवा प्रभावित होने से सामान्य मरीजों को इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श के लिए असुविधा का सामना करना पड़ा। यदि ओपीडी सेवा लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो नियमित उपचार लेने वाले मरीजों के चिकित्सकीय फॉलोअप में देरी हो सकती है। जांच एवं परामर्श प्रभावित होने के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निजी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज कराने पर वित्तीय बोझ उठाना पड़ सकता है।

मानसी में अनंत पर 14 गांठों वाला रक्षा सूत्र बांधा
खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। गांव, गांव में भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि, विधान से पूजा, अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर परिवार की सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की तथा पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया। अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाला अनंत डोरा बांधने की विशेष परंपरा निभाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये 14 गांठें भगवान विष्णु द्वारा रचे गए 14 लोकों का प्रतीक मानी जाती हैं। सूती या रेशमी धागे में हल्दी लगाकर 14 गांठों वाला अनंत सूत्र तैयार किया गया और पूजा के दौरान इसे भगवान विष्णु के समक्ष रखा गया। भगवान को फूल, अक्षत, तुलसी दल और चंदन सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। विधि, विधान से पूजा और व्रत कथा सुनने के बाद पुरुषों ने दाहिने हाथ में और महिलाओं ने बाएं हाथ में अनंत सूत्र धारण किया। मान्यता है कि यह रक्षा सूत्र परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखता है। भास्कर न्यूज | गोगरी प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को सनातन परंपरा का पावन पर्व अनंत चतुर्दशी पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। दोपहर करीब दो बजे तक विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि, विधान से पूजा, अर्चना की। शीरनिया गांव सहित प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा में भाग लेकर भगवान अनंत से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने चौदह गांठ वाले अनंत सूत्र को भगवान अनंत का स्वरूप मानकर विधिपूर्वक पूजन किया। अनुष्ठान संपन्न होने के बाद पुरुषों ने दाहिने और महिलाओं ने बाएं हाथ में रक्षा सूत्र धारण किया। परंपरा के अनुसार, इसी दिन पुराने अनंत सूत्र का विसर्जन कर नया सूत्र धारण किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अनंत सूत्र की 14 गांठें भगवान श्रीहरि द्वारा सृजित 14 लोकों का प्रतीक हैं, जिनमें तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुवः, स्वः, जन, तप, सत्य और मह लोक शामिल हैं।

आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता
आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

बढ़ते जलस्तर के बीच माड़ीन नदी में फंसे ग्रामीण का किया सफल रेस्क्यू
नारायणपुर| जिले में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच ग्राम तारागांव में माड़ीन नदी के बाढ़ के पानी में फंसे ग्रामीण को जिला प्रशासन, नगर सेना एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्परता से रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तारागांव निवासी गोपी राम पटेल उम्र लगभग 55 वर्ष माड़ीन नदी किनारे खेत में बंधे अपने बैल को खोलने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और वे बाढ़ के पानी के बीच फंस गए। स्थिति को देखते हुए उन्होंने आम के पेड़ का सहारा लेकर स्वयं को सुरक्षित रखा। ग्रामीण के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिलते ही वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, नगर सेना की बाढ़ बचाव टीम एवं थाना धौड़ाई पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसडीओपी छोटेडोंगर मनोज मंडावी एवं जिला सेनानी नगर सेना मनोहर लाल चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी धौड़ाई पीयूष कटियार के नेतृत्व में टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस, सूझबूझ और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए गोपीराम पटेल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद ग्रामीण को आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं निगरानी के लिए धौड़ाई स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है। चिकित्सकों द्वारा उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाए जाने पर उन्हें सकुशल उनके घर पहुंचाया जाएगा। रेस्क्यू के बाद उन्हें भोजन भी कराया गया।
निगरानी एवं सामुदायिक जागरूकता से मजबूत होगा कालाजार नियंत्रण कार्यक्रम
जिले में कालाजार नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा मरीजों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को स्थानीय होटल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारत सरकार एवं बिहार सरकार के दिशा, निर्देशों के आलोक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप कुमार झा ने चिकित्सा पदाधिकारियों को कालाजार की पहचान, जांच, उपचार एवं रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान कालाजार मरीजों को मिलने वाली वित्तीय सहायता, आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि, कीटनाशक छिड़काव तथा उपचार के बाद मरीजों की नियमित निगरानी पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. दिलीप कुमार झा ने बताया कि कालाजार लीशमैनिया डोनोवानी नामक परजीवी से होने वाला गंभीर रोग है, जो संक्रमित मादा बालू मक्खी के काटने से फैलता है। दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार रहना, वजन कम होना, कमजोरी तथा प्लीहा और यकृत का बढ़ना इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। ऐसे लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मरीजों में आरके, 39 जांच के माध्यम से कालाजार की पहचान की जा सकती है। प्रशिक्षण में रोग की पुष्टि, निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार तथा उपचार के बाद मरीजों की नियमित निगरानी की जानकारी दी गई। सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में कालाजार मरीजों को सरकार की ओर से मिलने वाली वित्तीय सहायता की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि कालाजार से पीड़ित मरीजों को मुख्यमंत्री कालाजार राहत कोष से 6,600 तथा भारत सरकार की ओर से श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में 500 की सहायता का प्रावधान है। इस प्रकार पात्र कालाजार मरीजों को कुल कालाजार नियंत्रण कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि कीटनाशक छिड़काव चक्र की पूर्वसूचना देने पर आशा कार्यकर्ताओं को 200 की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। वहीं, संदिग्ध मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाने और जांच में कालाजार की पुष्टि होने पर 100 दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कालाजार मरीजों के उपचार के बाद अगले छह महीने तक नियमित देखरेख एवं फॉलोअप करने के लिए 500 की प्रोत्साहन राशि निर्धारित है। आशा कार्यकर्ताओं को घर, घर जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान करने, उन्हें जांच के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने तथा उपचार पूरा कराने में सहयोग करने के महत्व की जानकारी दी गई।